Saturday, 6 June 2026

नौकरी

रफ़्ता रफ़्ता वो मेरी हस्ती का सामा हो गए, 

पहले शौक,
फिर नौकरी,
फिर, जी का जंजाल हो गए,

रफ़्ता रफ़्ता वो मेरी हस्ती का सामा हो गए।

Wednesday, 13 May 2020

प्लास्टिक की नींद

ये प्लास्टिक की नींद, ये मोम के ख़्वाब,
बेसब्र ख्वाहिशें, चूर चूर चैन,
बोझिल उम्मीदें, सिमटता साहस,
नीरव की चाह, विग्रह का आलिंगन,
ये प्लास्टिक की नींद, ये झूठ का जीवन।।

Wednesday, 29 January 2020

उमंग

चला कर ज़मी पर कभी कभी,
कि मज़ा ऊंचाइयों का आया करे,

ख़्वाब आसमानों के बुना कर कभी कभी,
कि मज़ा जीने का आया करे।।

ख्वाहिशें

गलियो से गालिया मिल जाया करती है
ज़रूरते ही ख्वाहिशें बन जाया करती है

हर उम्र की ख्वाहिशें अलग हुआ करती है
मेरी उम्र में तो ज़रूरते ही ख्वाहिशे हुआ करती है।।

हिम्मतें

ठोकरे खा खा कर हम गिरे इतना,
अल हिम्मतें हो परेशा बोल उठी,
बस हुज़ूर...., बस हुज़ूर......, बस हुज़ूर।

बचपन

गर थमाई हो अंगुली,
दिया हो वक़्त,
बचपन तो आज भी खिलखिलाता है,
मदमस्त......, मदमस्त।

ख़्वाब

टूट गया जो ख़्वाब, जोड़ सकता नहीं मै,
नए ख्वाबों की ताबीर रोक सकता नहीं मै।

उम्मीद की डोर पर चला जा रहा हूं,
इस डोर का छोर पर देख सकता नहीं मै।।

चाह

ज़िंदगी तुझे जीना चाहता हूं,
गाना और गुनगुनाना चाहता हूं।

ख़्वाब बचपन वाले फिर पालना चाहता हूं,
रोज़ कुछ नया बन जाना चाहता हूं।

बचा है इंसान मुझमें अब भी,
खुद को यकी दिलाना चाहता हूं।।

Sunday, 22 September 2019

तृप्ति

अतृप्त मन कर जतन,
बढ़ रहा कदम कदम,

शेष की आस में,
अवशेष के साथ में,

तृप्ति की राह में,
अतृप्त से ये कदम,

मै चल रहा सहम सहम,
मै चल रहा सहम सहम।।

Sunday, 8 September 2019

ज़िन्दगी

ना कल में जियो,
ना कल को जियो,
इस पल है ज़िन्दगी,
जी भर के जियो।।

Thursday, 22 August 2019

हार का पुष्प

हार कर बार बार
हार के हार को
कर रहा मैं नमन।

जीत की राह में
पुष्प ये हार का
कर रहा मैं वरण।

Thursday, 6 June 2019

ज़िन्दगी

ये छोटी छोटी हसरते,

ये छोटे छोटे ग़ुरूर,

ये सुरूर है ज़िंदगी का जनाब,

कभी मजबूर, कभी मगरूर।

Thursday, 28 February 2019

अभिनंदन

वीर हो विराट हो,

अग्नि का ताप हो,

वायु से प्रचंड तुम,

राष्ट्र का नाद हो,

कृतज्ञ मन करे नमन,

हृदय पुष्प स्वीकार हो।

🌹अभिनंदन🌹🙏

Monday, 11 February 2019

Monday, 26 November 2018

Fragrance

A bit of fragrance always clings to the hand that gives you roses.

Tuesday, 30 October 2018

Inevitable

God grant me the serenity

To accept the things I cannot change,

The courage to change the things I can;

And the wisdom to know the difference.


Dr Reinhold Niebuhr

Saturday, 18 August 2018

मैं अभी चला नही

अभी अस्त हुआ नही,
अभी तृप्त हुआ नही।।

जब दिखा अनंत अंत,
हुआ शुरू वही कही।।

तुम रुके रुके से हो,
मैं अभी चला नही।।

सांझ कुछ ढली सी है,
मैं अभी ढला नही।।

ज्ञान से ही ज्ञान को,
ढूंढ़ता चला यू ही कहीं।।

तुम रुके रुके से हो,
मैं अभी चला नही।।

खत्म सा सफर हुआ,
समझ लिया पड़ाव ही।।

आशाओं के मोड़ पर,
शुरू नया सफर यू ही।।

तुम रुके रुके से हो,
मैं अभी चला नही।।

Wednesday, 15 August 2018

Monday, 25 December 2017

Wednesday, 1 November 2017

The Artist and Karma

The artist is nothing without the gift, but the gift is nothing without work.